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Monday, September 7, 2026

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आसमान छूना चाहता था हिमाचल का बेटा, एयरफोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर बना निश्चल पटियाल

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

कहते हैं कि “हौसलों के आगे आसमान भी छोटा पड़ जाता है।” हिमाचल प्रदेश की वीरभूमि के युवाओं ने एक बार फिर इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है। हमीरपुर जिले के बड़सर विधानसभा क्षेत्र के छोटे से गांव पाहलू के रहने वाले निश्चल पटियाल ने अपनी मेहनत, लगन और देशसेवा के जज्बे के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर पूरा हिमाचल गर्व कर रहा है। निश्चल पटियाल अब भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग अफसर के रूप में देश की सेवा करेंगे।

निश्चल ने बेंगलुरु में भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग अफसर ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग अफसर के पद पर नियुक्त किया गया है। एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय वायु सेना में अधिकारी बनने तक का उनका सफर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।

अब आसमान में उड़ेगा निश्चल पटियाल

सीएम सुक्खू के गृह जिला से संबंध रखने वाले निश्चल पटियाल की उपलब्धि की खबर गांव पाहलू में पहुंचते ही खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और शिक्षकों ने निश्चल की इस कामयाबी पर खुशी जताई। जिस गांव की गलियों में निश्चल ने बचपन बिताया, अब उसी गांव का नाम भारतीय वायु सेना के साथ जुड़ गया है। निश्चल की कामयाबी ने यह संदेश भी दिया है कि मंजिल बड़ी हो तो शुरुआत छोटी होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

हिमाचल प्रदेश को वीरभूमि कहा जाता है और यहां की पीढ़ियों में देश की रक्षा का जज्बा देखने को मिलता है। सेना और सुरक्षा बलों में प्रदेश के युवाओं की भागीदारी इसकी मिसाल रही है। निश्चल पटियाल ने इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय वायु सेना में अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया है।

उनकी उपलब्धि खास तौर पर उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है जो बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन संसाधनों या परिस्थितियों को लेकर खुद पर संदेह करने लगते हैं। निश्चल की कहानी बताती है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के दम पर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।

निश्चल पटियाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद अर्यान पब्लिक स्कूल भोटा से 12वीं की पढ़ाई नॉन-मेडिकल स्ट्रीम में पूरी की। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ से बीटेक की डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद निश्चल ने भारतीय वायु सेना में जाने का लक्ष्य बनाया और लगातार मेहनत करते हुए चयन प्रक्रिया को पार किया। इसके बाद बेंगलुरु में फ्लाइंग अफसर के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनकी सफलता में परिवार के साथ-साथ शिक्षकों के मार्गदर्शन की भी अहम भूमिका रही। निश्चल के स्कूल के प्रिंसिपल चंद्रशेखर शर्मा ने भी उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

निश्चल पटियाल की इस उपलब्धि पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। निश्चल की कामयाबी ने न केवल उनके परिवार और गांव का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे हमीरपुर जिले को गौरवान्वित किया है। एक छोटे से गांव से निकलकर देश की प्रतिष्ठित वायु सेना में अधिकारी बनने की उनकी कहानी आने वाली पीढ़ी के युवाओं को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देगी।

निश्चल पटियाल की कहानी सिर्फ एक युवा के फ्लाइंग अफसर बनने की कहानी नहीं है, बल्कि यह हौसले, मेहनत और देशसेवा के जुनून की कहानी है। पाहलू की मिट्टी से निकलकर अब निश्चल देश की सुरक्षा के लिए आसमान में उड़ान भरेंगे। उनकी यह उपलब्धि एक बार फिर साबित करती है कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में उड़ान और कदमों में मेहनत होती है।

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