ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में मूसलाधार बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। लगातार हो रही बारिश के कारण शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की बोह घाटी के स्पैडा और गढ़गून गांव में कुदरत का खौफनाक रूप देखने को मिला। यहां अत्यधिक बारिश के बाद पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया और पलक झपकते मलबा और पानी का सैलाब आबादी की ओर आ गया। इस मलबे की चपेट में आकर 6 मकान पूरी तरह से बह गए। वहीं कई घरों में मलबा घुस गया। गनीमत यह रही कि खतरे को भांपते हुए लोगों ने समय रहते भागकर अपनी जान बचा ली, जिससे एक बड़ा जानी नुक्सान टल गया।

जोरदार धमाके के साथ आया मलबा, दहशत में ग्रामीण

जानकारी के अनुसार जिस वक्त यह घटना हुई, पहाड़ी पर एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद अचानक पानी और मलबा नीचे आ गिरा। मलबे ने 6 घरों का नामोनिशान मिटा दिया है। अपनी आंखों के सामने घरों को तिनके की तरह बहते देख ग्रामीण बुरी तरह सहम गए हैं। पहाड़ी के बिल्कुल साथ सटे इलाकों में रहने वाले लोग अपने मकान छोड़कर सुरक्षित खुले स्थानों पर आ गए हैं। लोगों के दिलों में खौफ इस कदर बैठ गया है कि वे दोबारा अपने घरों के अंदर जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कांगड़ा प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) को तत्काल मौके पर बुलाया गया है। एसडीएम शाहपुर डॉ. गणेश ठाकुर ने बताया कि सूचना मिलते ही वह स्वयं प्रशासनिक टीम के साथ प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, रैस्क्यू टीमों को आगे बढ़ने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि डिब्बा और मानेड नाला क्षेत्र में हुए भारी भूस्खलन के कारण सड़क पूरी तरह बंद हो गई है।
कोई जानी नुक्सान नहीं, नदी-नालों से दूर रहें लोग
एसडीएम डॉ. गणेश ठाकुर ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार इस घटना में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही रास्ता खुलेगा, एसडीआरएफ युद्धस्तर पर मोर्चा संभाल लेगी। इसके साथ ही प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए स्थानीय लोगों से आग्रह किया है कि लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में पानी का प्रवाह बेहद तेज और खतरनाक हो गया है, इसलिए कोई भी व्यक्ति इनके नजदीक जाने का जोखिम न उठाए।

