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Friday, July 17, 2026

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हिमाचल की जेल में कैसे पहुंचा चिट्टा और नशीली दवाएं ? पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की दोसड़का उप जेल में सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की बड़ी कोशिश सामने आई है. जेल परिसर की दीवार के ऊपर से फेंके गए एक संदिग्ध पैकेट से चिट्टा, दो मोबाइल फोन, नशीली दवाइयां, बीड़ी, लाइटर और नकदी बरामद होने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया. जेल कर्मचारियों की सतर्कता से प्रतिबंधित सामान कैदियों तक पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया गया. मामले में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Description

दीवार के ऊपर से फेंका गया था पैकेट

जानकारी के अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति ने एल्युमीनियम फॉयल में लपेटकर एक पैकेट उप जेल की दीवार के ऊपर से अंदर फेंक दिया. उसी दौरान मोटर पंप चलाने के लिए पहुंचे एक कैदी ने पैकेट उठा लिया. ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी की नजर उसकी गतिविधि पर पड़ गई और उसने तुरंत उसे रोक लिया. इसके बाद वरिष्ठ जेल अधिकारियों को सूचना दी गई. पूरी घटना जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिससे जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है.

जेल अधिकारियों की मौजूदगी में पैकेट की तलाशी ली गई. जांच के दौरान उसमें से करीब 1.5 ग्राम चिट्टा, दो मोबाइल फोन, नशीले कैप्सूल, बीड़ी, लाइटर और कुछ नकदी बरामद हुई. बरामदगी के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने सदर थाना पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार और सदर थाना प्रभारी कुलवंत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू की.

पुलिस खंगाल रही पूरा नेटवर्क

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित सामान किस कैदी के लिए भेजा गया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं. इसके लिए जेल में बंद कैदियों से पूछताछ की जा रही है. साथ ही जेल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि पैकेट फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं जेल के अंदर और बाहर कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है.

पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया, “प्रतिबंधित सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 22 और 29 के तहत एफआईआर दर्ज की है. मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है. यदि जांच के दौरान जेल के भीतर या बाहर किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.” पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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