गिरिपार के हाटी समुदाय के लिए ‘जनगणना’ बारे केंद्रीय हाटी समिति ने दी महत्वपूर्ण जानकारी..
ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)
केंद्रीय हाटी समिति महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री व अन्य सदस्यों ने पौण्टा साहिब में पत्रकार वार्ता में जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश में इन दिनों जन गणना के प्रथम चरण में मकानों के सूचीकरण का कार्य चल रहा है, जिसमें 34 प्रश्न दिए गए हैं।
इनमें प्रश्न संख्या 13 है :-
यदि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति या अन्य है..?
इस प्रश्न के बारे में हम गिरिपार क्षेत्र के मूल निवासी हाटी समुदाय की जनता से विशेष आग्रह करते हैं कि इसका जवाब “अनुसूचित जनजाति” लिखें या लिखवाएं। हाटी समुदाय के जो लोग किसी पेशे से गिरिपार क्षेत्र से बाहर रह रहे हैं या स्वगणना कर रहे हैं वे भी गिरिपार क्षेत्र के मूल निवासी होने के नाते अपने को अनुसूचित जनजाति के रूप में दर्ज करवाएं। क्योंकि गिरिपार क्षेत्र में अनुसूचित जाति को छोड़कर सभी मूल निवासी हाटी समुदाय को जनजाति का संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार प्राप्त है और महा पंजीयक एवं जनगणना आयुक्त भारत सरकार की अधिकारिक वेबसाइट के अन्तर्गत (Census management and monitoring system- *CMMS*) पोर्टल में हमारा ‘हाटी समुदाय हिमाचल प्रदेश की 11 अनुसूचित जनजाति’ के रूप में भी उल्लेखित है।
उन्होंने कहा कि इसमें किसी को भी भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है कि वर्तमान समय में माननीय उच्च न्यायालय में सुनवाई के चलते हाटी समुदाय के लोगों के व्यक्तिगत ST प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। लेकिन समुदाय के नाते हमारे हाटी समुदाय को जनजाति का संवैधानिक दर्जा प्राप्त है। जनगणना दस वर्षों में एक बार होनी है और भावी पंचवर्षीय योजना के अन्तर्गत *ट्राइबल सब प्लान* में इस जनगणना का बहुत बड़ा महत्व है।
जनगणना के दूसरे चरण में जातिगत और व्यक्तिगत गणना होगी, उस समय भी प्रशासनिक दिशा निर्देशों के अनुसार हाटी समिति गिरिपार क्षेत्र की जनता से सम्पर्क रखेगी। अतः सभी हाटी जनता से आग्रह है कि जनगणना के इस अवसर को बहुत महत्वपूर्ण समझें और दूसरे हाटी जनता को भी समझाएं।

