ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)
जिला सिरमौर के जिला परिषद वार्ड नंबर – 7 भंगानी से 25 वर्षीय निर्दलीय उम्मीदवार शिवानी ने ऐसी जीत दर्ज की है, जिसने क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को पछाड़ते हुए शिवानी ने 3557 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर यह संकेत दिया है कि स्थानीय मुद्दों और सामाजिक स्वीकार्यता के दम पर भी राजनीतिक जमीन तैयार की जा सकती है।
जिला सिरमौर के विकास खंड पांवटा साहिब के गांव खोदरी-माजरी की रहने वाली शिवानी ने जिला परिषद चुनाव में 9205 वोट प्राप्त किए। उनके मुकाबले भाजपा समर्थित उम्मीदवार दविंदर कौर को 5648 वोट मिले। कांग्रेस समर्थित खुशप्रीत कौर 2005 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार जूलिया को 1409 और गुरमीत कौर को 619 मत प्राप्त हुए। इस तरह शिवानी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 3694 मतों की निर्णायक बढ़त बनाकर जीत दर्ज की।
बीएससी शिक्षित शिवानी लेखन के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान रखती हैं। सामाजिक और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लिखने के कारण क्षेत्र में उनकी पहचान एक जागरूक युवा चेहरे के रूप में बनी। यही कारण रहा कि चुनावी मैदान में उतरते ही उन्हें युवाओं और आम लोगों का व्यापक समर्थन मिला।
शिवानी का परिवार किसान पृष्ठभूमि से जुड़ा है। उनकी माता श्यामा देवी और पिता रघुवीर सिंह किसान हैं। उनके दादा केशो राम 1980 के दशक में पंचायत प्रधान रह चुके हैं। हालांकि परिवार की कोई सक्रिय राजनीतिक विरासत नहीं रही, लेकिन सामाजिक स्तर पर परिवार की पहचान और जनसंपर्क मजबूत रहे हैं।
जीत के बाद शिवानी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उन्होंने किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का निर्णय नहीं लिया है। उनका कहना है कि जिस दल या संगठन से क्षेत्र के विकास का भरोसा मिलेगा, वह उसी के साथ आगे बढ़ने पर विचार करेंगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि भविष्य में राजनीति ही उनका करिअर होगा और युवाओं को साथ जोड़कर पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगी।
शिवानी की चुनावी सफलता के पीछे उनके चाचा और अधिवक्ता सुखबीर सिंह की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पूरे चुनाव अभियान के दौरान सुखबीर सिंह लगातार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे और जमीनी स्तर पर जनसंपर्क को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। अधिवक्ता सुखबीर सिंह ने बताया कि मेहरा राजपूत समुदाय का क्षेत्र में अच्छा जनाधार है। इसी वजह से शिवानी को जनता का अपार समर्थन मिला और राजनीति में धमाकेदार एंट्री की। उन्होंने कहा कि 25 वर्षीय युवा चेहरे को मिला यह जनसमर्थन भविष्य में पांवटा साहिब की राजनीति में नई चर्चा और नए नेतृत्व की संभावनाओं को मजबूत करेगा।
बहरहाल, भंगानी वार्ड से मिली यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे क्षेत्र की राजनीति में उभरते नए युवा नेतृत्व के रूप में भी देखा जा रहा है। खास बात यह है कि लेखन, सामाजिक सक्रियता और जमीनी संपर्क के दम पर चुनाव जीतने वाली शिवानी ने भविष्य के राजनीतिक समीकरणों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है।

