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Sunday, April 12, 2026

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सात जिलों में पारा शून्य से नीचे, ठंड ने पाइपों में जमाया पानी, तरसे लोग…..

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

देवभूमि में कुदरत के तेवर इन दिनों बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। पहाड़ों की चोटियों से लेकर मैदानों की ढलानों तक, पूरा प्रदेश मानों एक ‘डीप फ्रीजर’ में तब्दील हो गया है। कड़ाके की ठंड का आलम यह है कि अब केवल इंसान ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाएं भी जमने लगी हैं। जहां रातें हड्डियों को कंपा देने वाली साबित हो रही हैं, वहीं सुबह की शुरुआत पाइपों में जमे पानी को पिघलाने की मशक्कत के साथ हो रही है।

शून्य से नीचे का सफर: रिकॉर्ड तोड़ती ठंड

प्रदेश के सात जिलों में कुदरत का सितम सबसे ज्यादा है, जहां पारा शून्य की दहलीज पार कर काफी नीचे जा चुका है।

सबसे ठंडा इलाका: लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी इलाका प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान -11.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।

प्रभावित जिले: किन्नौर, चंबा, शिमला, सोलन, मंडी और कुल्लू जैसे इलाकों में सुबह-शाम की ठिठुरन ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।

सूखे मौसम की मार और कोहरे का पहरा

पहाड़ों पर पाला है, तो मैदानी इलाकों में घने कोहरे ने रफ्तार रोक दी है।

यातायात पर ब्रेक: ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और हमीरपुर जैसे जिलों में धुंध के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिससे नेशनल हाईवे पर वाहन रेंगने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

शुष्क मौसम: ताज्जुब की बात यह है कि इतनी ठंड के बावजूद बादल नहीं बरस रहे हैं। 14 जनवरी तक बारिश या हिमपात की कोई संभावना नहीं है, जिससे सूखी ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है।

राजधानी शिमला: पानी के लिए ‘अग्निपरीक्षा’

शिमला में ठंड ने स्थानीय निवासियों की रसोई और दैनिक कार्यों को सीधे तौर पर प्रभावित किया है।

जाम हुए पाइप: जाखू, समिट्री और लक्कड़ बाजार जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी की पाइपलाइनें पूरी तरह जम गई हैं। लोग सुबह उठते ही नलों के सामने बेबस नजर आ रहे हैं।

जुगाड़ की तकनीक: पाइप न जमे, इसके लिए कई लोग रात भर नलों को थोड़ा खुला छोड़ रहे हैं ताकि पानी का बहाव बना रहे।

सड़कों पर खतरा: रात में जमने वाले पानी और ओस की वजह से सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जो चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।

पर्यटन का मिला-जुला रंग

एक तरफ जहां स्थानीय लोग मुश्किलों से जूझ रहे हैं, वहीं सैलानी इस ठंड का लुत्फ उठाने के लिए भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। अटल टनल, सोलंगनाला और कोकसर जैसे क्षेत्रों में पर्यटकों का हुजूम उमड़ रहा है, जो वहां मौजूद पुरानी बर्फ को देखने के लिए उत्साहित हैं।

विशेषज्ञ की सलाह: चूंकि आने वाले कुछ दिनों तक धूप तो खिलेगी लेकिन सुबह और रात का तापमान खतरनाक स्तर तक गिर सकता है, इसलिए स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतें और वाहन चलाते समय कोहरे का ध्यान रखें।

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