ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पिछले एक हफ्ते में हुई भारी बारिश ने सामान्य से 120% अधिक का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन और सड़कें धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में चंबा के भरमौर में भूस्खलन के कारण एक निर्माणाधीन लोहे का पुल (सिंयुर पुल) ढह गया।
वहीं, कुल्लू जिले की मणिकर्ण-बरशेणी सड़क पर एक कार मलबे की चपेट में आ गई, हालांकि गनीमत रही कि चालक और सवारियां सुरक्षित बच गईं। मनाली में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां हाईवे का एक हिस्सा दोबारा धंस जाने से यातायात बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों के लिए प्रदेश में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जैसे जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। लाहौल-स्पीति में भी पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारण एक टैक्सी दुर्घटनाग्रस्त हुई, जिसमें एक दंपति घायल हो गया। लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश की वजह से राज्य के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पारा सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे चला गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 10 अप्रैल तक पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने के बाद ही राहत की उम्मीद की जा सकती है। तब तक स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने और संवेदनशील इलाकों में न जाने की सलाह दी है।

