ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

ऊना में हुए दर्दनाक स्कूल बस हादसे में जान गंवाने वाली रैंसरी गांव की मासूम बच्ची को मंगलवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद घड़ी में पूरे गांव का माहौल गमगीन था और हर आंख से आंसू छलक रहे थे। ऊना के उपायुक्त (डीसी) जतिन लाल भी इस मौके पर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उनका दुख सांझा किया व उन्हें ढांढस बंधाया। मासूम की अंतिम विदाई में परिजनों के अलावा रैंसरी के ग्रामीण और दूसरे स्कूली बच्चों के अभिभावक भी भारी संख्या में मौजूद रहे।

सुरक्षा में लापरवाही पर फूटा अभिभावकों का गुस्सा
इस दौरान अभिभावकों ने इस बात को लेकर रोष जताया कि स्कूली बच्चों को लाने और ले जाने वाली बसों में नियमों के तहत ड्राइवर के साथ एक परिचालक का होना अनिवार्य है, लेकिन ज्यादातर बसों में ऐसा नहीं होता है। परिजनों ने इसे बड़ी लापरवाही करार देते हुए प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और के घर का चिराग न बुझे।
अस्पताल में भर्ती है दूसरी बच्ची
इस खौफनाक हादसे में घायल हुई दूसरी बच्ची का फिलहाल ऊना के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं। वहीं इस घटना के चलते रक्कड़ कॉलोनी स्थित संबंधित निजी स्कूल में मंगलवार को शोक स्वरूप छुट्टी कर दी गई। स्कूल प्रबंधन ने इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है। स्कूल परिसर में दिवंगत बच्ची की तस्वीर भी लगाई गई, जहां शिक्षकों और स्टाफ ने उसे श्रद्धांजलि अर्पित की।
