Tuesday, February 24, 2026
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भाई की माैत मामले में ग्रामीणाें के साथ सड़क पर उतरा फाैजी जवान, पुलिस-प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

चम्बा जिले की बरौर पंचायत के छमैरी गांव में 3 दिन पूर्व सोनू कुमार की संदिग्ध परिस्थितियाें में हुई मौत के मामले में उसके फौजी भाई समेत ग्रामीणों ने शहर के मुख्य चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। इसके अलावा करीब 2 घंटे तक चक्का जाम भी किया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। फौजी अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि उसके भाई की सड़क विवाद को लेकर हत्या की गई है। बावजूद इसके अभी तक पुलिस इस मामले में किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इससे कानून व्यवस्था पर लोगों का विश्वास उठने लगा है। अनिल कुमार अब वे भाई को न्याय दिलवाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि मारपीट व जान से मारने की धमकी देने की वीडियो सबूत के साथ पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसका खमियाजा युवक को अपनी जान देकर गंवाना पड़ा। अनिल ने बताया कि जनवरी माह में उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी गई थी और थप्पड़ जड़े गए थे, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे उनके हौंसले बुलंद हो गए। पुलिस की कथित लापरवाही से ही उसके भाई की मौत हुई है। चक्का जाम के दौरान सोनू कुमार को थप्पड़ जड़ने वाले वीडियो भी दिखाए गए।

ग्रामीणों ने सोमवार को करीब साढ़े 11 बजे चक्का जाम किया। इसके बाद डेढ़ बजे 2 घंटे तक सड़क पर बैठे रहे। इससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रही। चक्का जाम की सूचना मिलने के बाद चम्बा सदर थाना की टीम मौके पर पहुंची तथा लोगों से बात करके जाम को बहाल करने का प्रयास किया, परिजन और ग्रामीण सीबीआई जांच पर अड़े रहे। इसके बाद स्थानीय दुकानदारों के आह्वान पर जाम को बहाल किया गया। इस दौरान दुकानदारों ने आश्वासन दिया कि वह पुलिस को मामले की गुत्थी को सुलझाने के लिए कुछ दिनों का समय दें। अगर पुलिस की कार्यप्रणाली में कोई कमी रहेगी तो चम्बा के दुकानदार भी उनका साथ देंगे।

5 सीसीटीवी बंद होना जांच का विषय

धरना-प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने बताया कि पुलिस अपना कार्य कर रही है, लेकिन परिणाम सामने नहीं आ रहा है। पुलिस ने मौके पर जाकर सीसीटीवी की जांच की तो करीब 5 सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए जो हत्या की तरफ इशारा करता है, जबकि घटना से पूर्व कैमरे पूरी तरह से ठीक थे। 24 घंटे सुचारू कैमरे अचानक से बंद होना सोची-समझी साजिश की तरफ इशारा करता है। वहीं पुलिस को शक के आधार पर जो नाम दिए गए हैं उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। रोजाना सिर्फ पूछताछ की जा रही है। युवक की मौत के मामले में 8 लोगों के नाम पुलिस को दिए गए हैं। इस बारे में परिजनों ने डीसी चम्बा मुकेश रेप्सवाल समेत एडीसी अमित मैहरा को भी ज्ञापन सौंपा। उधर, एसपी चम्बा ने बताया कि पुलिस ने नामजद लोगों को थाने में बुलाकर पूछताछ की है। मामलेे की जांच निष्पक्षता के साथ की जा रही है।

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