ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आज नगर निगम का बजट पेश होने जा रहा है। शहर की सियासत से लेकर आम नागरिकों की निगाहें इस बजट पर टिकी हुई हैं। बता दें कि मेयर सुरेंद्र चौहान अपने कार्यकाल का ये तीसरा बजट पेश करने जा रहे हैं। वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए तैयार यह बजट आर्थिक दबाव के दौर में निगम की दिशा और दशा तय करने वाला साबित हो सकता है।
आय के नए स्त्रोत खोजने की होगी कोशिश
बता दें कि इस समय प्रदेश गंभीर आर्थिक हालातों का सामना कर रहा है। राज्य सरकार को रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने की आशंका के बाद नगर निगम अब सीमित वित्तीय सहयोग के साथ आगे बढ़ेगा और नए आय के स्त्रोत को तलाशने की कोशिश की जाएगी
सूत्रों के मुताबिक, निगम शिमला शहर में अपने स्वामित्व वाली जमीन पर फ्लैट बनाकर बेचने की योजना की घोषणा कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो नगर निगम सीधे रियल एस्टेट सेक्टर में कदम रखेगा। यह मॉडल निगम को स्थायी आय का जरिया दे सकता है और वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा।
हालांकि, इस योजना पर पार्षदों और नागरिकों की प्रतिक्रिया भी अहम रहेगी, क्योंकि शिमला में जमीन और निर्माण को लेकर पहले से कई संवेदनशील मुद्दे जुड़े हुए हैं।
हर वार्ड में वेलनेस सेंटर की तैयारी
बजट में शहर के सभी 34 वार्डों में वेलनेस सेंटर खोलने की घोषणा संभव है। फिलहाल केवल तीन वार्डों में यह सुविधा उपलब्ध है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा व्यापक हो जाएगा।
ई-कार्ट, पार्किंग और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान
कोर एरिया में ई-कार्ट चलाने, नई पार्किंग सुविधाएं विकसित करने और मल्टीलेवल पार्किंग प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देने की योजना भी बजट का हिस्सा हो सकती है। इसके अलावा जिम, एंबुलेंस रोड, पार्क और खेल मैदानों को मजबूत करने पर जोर दिया जा सकता है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक और पार्किंग संकट को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार अहम मुद्दा रहेगा।
मेयर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि आम जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा। हालांकि 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी टैक्स, पानी और गारबेज शुल्क में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है।
नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स से अपनी प्रस्तावित वार्षिक आय का लक्ष्य पहले ही हासिल कर लिया है, जो राहत की बात है। अब सवाल यह है कि अतिरिक्त आय के लिए कौन-से वैकल्पिक स्रोत चुने जाएंगे।
