Monday, February 16, 2026
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Himachal: बजट सत्र के पहले दिन ही हंगामा, राज्यपाल ने अभिभाषण की एक लाइन पढ़कर सदन में रखा दस्तावेज

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आगाज काफी हंगामेदार रहा। सदन की कार्यवाही के पहले ही दिन राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और राज्य सरकार के बीच ‘राजस्व घाटा अनुदान’ (RDG) के मुद्दे पर खींचतान खुलकर सामने आ गई। स्थिति ऐसी रही कि राज्यपाल ने अपना अभिभाषण मात्र 2 मिनट 1 सेकेंड में समाप्त कर दिया, जो संसदीय इतिहास में एक दुर्लभ घटना है।

विवाद की मुख्य वजह

हंगामे की जड़ सरकार द्वारा तैयार किए गए अभिभाषण के वे अंश थे, जिनमें केंद्र सरकार और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज के पृष्ठ 1 से 16 तक ऐसी टिप्पणियां शामिल थीं, जो ‘संस्थागत ढांचे’ के विरुद्ध थीं।

राज्यपाल के कड़े रुख की मुख्य बातें:

राज्यपाल ने कहा कि संवैधानिक पदों पर रहते हुए वे ऐसी टिप्पणियों को नहीं पढ़ सकते जो संस्थाओं की गरिमा के खिलाफ हों। उन्होंने केवल अभिभाषण की शुरुआत के दो पैराग्राफ और अंतिम अंश पढ़ा। बीच के महत्वपूर्ण हिस्से, विशेषकर पैरा संख्या 3 से 16, जिसमें रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) का जिक्र था, उन्हें पढ़ने से परहेज किया। उन्होंने सदस्यों से शेष दस्तावेज खुद पढ़ने को कहा और सदन से चले गए।

सदन में राजनीतिक गर्माहट

बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, सत्तापक्ष के विधायक और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत भाजपा विधायक मौजूद थे। राज्यपाल के इस कदम ने सत्तापक्ष को असहज कर दिया, जबकि विपक्ष ने इसे सरकार की विफलता के रूप में देखा। राज्यपाल द्वारा अभिभाषण के बड़े हिस्से को छोड़ने के तुरंत बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2:45 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

आगे की राह

यह टकराव आने वाले दिनों में और गहरा सकता है क्योंकि बजट सत्र में वित्तीय संकट और केंद्र से मिलने वाली ग्रांट पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। राज्यपाल के इस कदम ने स्पष्ट कर दिया है कि राजभवन और सरकार के बीच समन्वय की कमी है।

 

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