ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
पांवटा साहिब: जिला सिरमौर के पांवटा साहिब स्थित Tirupati Life Science उद्योग में शनिवार शाम स्टोर टैंक से मिथाइल डाईक्लोराइड गैस के रिसाव की घटना के बाद हड़कंप मच गया। गैस की चपेट में आने से उद्योग के आठ कर्मचारी प्रभावित हुए, जिन्हें उपचार के लिए पांवटा साहिब के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घायलों में महेश, खुशबू, पूजा, सुमन, शबाना, मनीषा, सीमा व एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। जानकारी के अनुसार दो की हालत सामान्य है तथा दो कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि चार का आईसीयू में इलाज जारी है।
*मजदूर नेता प्रदीप चौहान का प्रेस बयान*
मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने प्रेस बयान जारी कर घटना को गंभीर लापरवाही करार दिया। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन को भविष्य में ऐसी चूक दोबारा नहीं दोहरानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन और उद्योग प्रबंधन से मांग की कि मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा सुरक्षा मानकों की नियमित जांच हो। चौहान ने कहा कि वह हमेशा मजदूरों के साथ खड़े हैं और यदि श्रमिकों की मांगों की अनदेखी की गई तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
आसपास के लोगों में दहशत
स्थानीय निवासियों ने आशंका जताई है कि गैस रिसाव से आसपास के घरों और क्षेत्र को भी नुकसान हो सकता था। लोगों ने कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और उद्योग को अस्थायी रूप से बंद करने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
यह भी मांग की गई है कि ज्वलनशील और विस्फोटक रसायनों के भंडारण की विस्तृत जांच कराई जाए।
क्या है मिथाइल डाईक्लोराइड?
मिथाइल डाईक्लोराइड एक रंगहीन और गंधहीन गैस है, जिसमें मध्यम ज्वलनशील और विस्फोटक क्षमता होती है। अधिक मात्रा में इसके संपर्क में आने से थकान, चक्कर आना, सिरदर्द, धुंधली दृष्टि, मानसिक भ्रम और मांसपेशियों में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
यह रसायन सिलिकोन, कृषि रसायन, मिथाइल सेलुलोज, चतुर्धातुक अमीन, ब्यूटाइल रबर और टेट्राएथिल लेड के उत्पादन में रासायनिक मध्यवर्ती के रूप में उपयोग किया जाता है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक Nishchit Singh Negi ने उद्योग में गैस रिसाव की पुष्टि करते हुए बताया कि उद्योग प्रबंधन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
