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Thursday, July 16, 2026

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हिमाचल में मौसम फिर लेगा करवट, 5 दिन भारी बारिश का ऑरैंज अलर्ट

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

राज्य में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ा मानसून अब एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने की तैयारी में है। वर्तमान में बारिश थमने से जहां मैदानी और पहाड़ी इलाकों में उमस भरी गर्मी का प्रकोप है, वहीं मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने का पूर्वानुमान जारी किया है। हालांकि पहले रैड अलर्ट भी बताया गया था, लेकिन अब ऑरैंज अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग ने आगामी 19 से 23 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए ऑरैंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में पिछले 24 घंटों से मानसून लगभग निष्क्रिय रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बारिश न होने के कारण राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 2.3 डिग्री सैल्सियस की बढ़ौतरी दर्ज की गई है।

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मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 18 जुलाई से मानसून की सक्रियता फिर से बढ़ने की संभावना है, जिसका चरम प्रभाव 20 से 22 जुलाई के बीच देखने को मिलेगा। 18 जुलाई को यैलो अलर्ट रहेगा और मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 19 जुलाई को ऑरैंज अलर्ट रहेगा। इस दौरान चम्बा, शिमला, मंडी और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है, वहीं, हमीरपुर, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर और कुल्लू में यैलो अलर्ट रहेगा। लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी/वर्षा की भी संभावना है।

20 जुलाई को भी ऑरैंज अलर्ट रहेगा और चम्बा, कुल्लू, शिमला, मंडी और कांगड़ा जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हमीरपुर, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में यैलो अलर्ट बताया गया है। 21 से 23 जुलाई तक ऑरैंज अलर्ट जारी किया गया है और इस दौरान राज्य के मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरैंज अलर्ट प्रभावी रहेगा, जबकि निचले और मैदानी इलाकों में यैलो अलर्ट जारी रहेगा।

सुबह बंद थे 75 ट्रांसफार्मर, शाम तक केवल 4 बचे, 50 सड़कें अब भी बंद

प्रदेश में भारी बारिश के बाद बाधित हुई जनसुविधाओं को पटरी पर लाने का काम तेजी से जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बिजली बहाली के मोर्चे पर प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। सुबह के समय जहां प्रदेश भर में 75 बिजली ट्रांसफार्मर ठप्प पड़े थे, वहीं शाम तक इनमें से 71 को दुरुस्त कर दिया गया और अब केवल 4 ट्रांसफार्मर ही बंद बचे हैं। इसके अलावा, पेयजल की सभी 5 बाधित योजनाएं पूरी तरह बहाल कर दी गई हैं। हालांकि, सड़कों को खोलने का काम अभी भी चुनौती बना हुआ है। सुबह बंद 51 सड़कों में से शाम तक केवल एक ही मार्ग खोला जा सका, जिससे अभी भी राज्य में 50 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं।

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