ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)
पंचायतीराज चुनाव के नवनिर्वाचित प्रधानों-उपप्रधानो की शपथ ग्रहण समारोह के कुछ दिनों के बाद ही शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया हैं। चुनावी टशन पूरी करने के चलते नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा आवेश में आकर गाली-गलोंच करने व सार्वजनिक रास्ते को रोकने जैसे हथकंडे अपनाएं जा रहे हैं।
जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र की शिल्ला पंचायत से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया हैं, जहां नवनिर्वाचित उपप्रधान पर दलित बस्ती का सार्वजनिक रास्ता बंद करने व दलित समुदाय के लोगों के साथ जातिसूचक शव्दों का इस्तेमाल कर उन्हें डराने व धमकाने की शिकायत दर्ज की गई हैं। यह लिखित शिकायत SDM कार्यालय कफोटा को सौपी गई हैं, जिसकी प्रतिलिपि D.C सिरमौर, S.P सिरमौर को भी प्रेषित कर गहन जांच की मांग हुई हैं।
जानकारी अनुसार शिकायकर्ता चढेऊ गाँव के स्थायी निवासी जगतराम पुत्र धीरजु, रमेश पुत्र बिशन सिंह, तोता राम पुत्र मीना राम, चेतराम पुत्र हीरा सिंह का कहना है कि वह सभी लोग अनुसूचित जाति (SC) समाज से सम्बंध रखते है। जिन्होंने इसी गाँव के नवनिर्वाचित उपप्रधान उदय राम शर्मा, आत्मा राम शर्मा, व बाबू राम शर्मा पर आरोप लगाया है कि जब वे इस सार्वजनिक तौर पर आने-जाने के लिए इस्तेमाल हो रहे रास्ते से गुजर रहे थे तो उनका जबरन रास्ता रोका गया व जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल कर गली-ग्लोच की गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें यह रास्ता पुश्तैनी रास्ते को बदलकर एक वैकल्पिक रास्ते के तौर पर दिया दिया था, जिसका वह अपने घर व खेत तक जाने के लिए उपयोग कर रहे थे।
उनका आरोप है कि बीते 11-12 जून 2026 को जब शिकायतकर्ता उक्त रास्ते से अपने खेत की तरफ जा रहे थे तो इन तीनों लोगों ने मौके पर आकर उन्हें जबरन भगाया व धमकाया, कि यदि तुम (को#ली) यहां नजर आये तो तुम्हारी टांगे तोड देंगे। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में पंचायत चुनाव के दौरान राजनैतिक टशन के चलते इन तीनो लोगो ने यह कह कर रोक दिया कि तुम्हें हमारे रास्ते पर चलने का कोई अधिकार नही है।
शिकायतकर्ता दलित लोगों का कहना है कि उक्त लोग हमारे साथ मारपीट भी कर सकते है, जिस डर के चलते अब वह इस रास्ते से अपने खेतो में नही जा सकते हैं। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की हैं और पुश्तैनी रास्ते को आने जाने के लिए खोले जाने की प्रशासन से मांग की हैं। कथित तौर पर उक्त उपप्रधान कांग्रेस पार्टी से समर्थित हैं।

उधर, इस विषय को लेकर जब शिल्ला पंचायत के उपप्रधान उदय राम शर्मा ने बताया कि रास्ते को लेकर इससे पहले भी 1100 टोल फ्री नम्बर पर शिकायत दर्ज हुई थी, जिसके बाद पटवारी व कानूनगो मौके पर आए, जिन्होंने उक्त रास्ते को कागजों में पुश्तेनी न होने की बात कही हैं।
इस संदर्भ में SDM कार्यालय कफोटा के सुपरिटेंडेंट टेकचंद का कहना है कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई हैं। SDM कफोटा के छुट्टी होने के कारण अतिरिक्त कार्यभार SDM शिलाई जसपाल सिंह को सौपा गया हैं, उन्होंने बताया कि वह आधिकारिक तौर पर वीरवार से पद का कार्यभार संभालेगे। हालाँकि उनका कहना है कि किसी भी तरह के सार्वजनिक रास्ते को बंद नहीं किया जा सकता हैं।

