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Wednesday, June 3, 2026

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सड़क हादसे ने हिमाचल से छीन लिया शौर्य चक्र विजेता वीर सपूत, बिछड़ गए आतंकियों की कमर तोड़ने वाले मरीन कमांडो अमित राणा

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. भारतीय नौसेना के विशिष्ट मरीन कमांडो (MARCOS) और शौर्य चक्र विजेता अमित सिंह राणा (32 वर्ष) का एक सड़क हादसे में असामयिक निधन हो गया है. खुंडियां क्षेत्र के लाहड़ू में सोमवार देर रात उनकी कार अनियंत्रित होकर करीब 500 फीट गहरी खाई में जा गिरी. देश की रक्षा में अदम्य साहस और पराक्रम की मिसाल कायम करने वाले इस वीर जांबाज की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है.

छुट्टी पर घर आए थे अमित राणा

बताया जा रहा है कि अमित राणा छुट्टी पर घर आए हुए थे. परिजनों के अनुसार, वह सोमवार सुबह ही घर पहुंचे थे और अभी परिवार के साथ ठीक से समय भी नहीं बिता पाए थे. देर रात वह एक दोस्त से मिलकर वापस घर लौट रहे थे कि इसी दौरान लाहड़ू के पास एक खतरनाक मोड़ पर उनकी कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी. यह हादसा रात करीब 11 बजे हुआ.

हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची. खाई बेहद गहरी होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा. करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अमित राणा को गंभीर हालत में सड़क तक पहुंचाया गया और तुरंत खुंडियां अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां पहुंचना भी अत्यंत कठिन था.

अमित राणा अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और उनकी दो बहनें हैं. वह अपने पीछे माता पवन कुमारी, पिता नायब सूबेदार केवल सिंह राणा, पत्नी मीनाक्षी राणा और एक चार वर्षीय मासूम बेटे को छोड़ गए हैं. उनके इस आकस्मिक निधन से परिवार पूरी तरह टूट गया है. चार साल के मासूम बेटे के सिर से पिता का साया उठ जाने की इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और हर आंख नम है.

ऑपरेशन रक्षक में दिखाई थी अदम्य वीरता

अमित राणा भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित मरीन कमांडो दस्ते MARCOS में तैनात थे. वर्ष 2018 में जम्मू-कश्मीर में ‘ऑपरेशन रक्षक’ के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण आतंकवाद विरोधी अभियानों में हिस्सा लिया. कठिन परिस्थितियों में उन्होंने अपनी टीम के साथ बहादुरी का परिचय देते हुए आठ आतंकवादियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी. उनके साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए वर्ष 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया था.

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गहरे दुख के साथ भारी नाराजगी भी है. लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर यह दुर्घटना हुई, वहां न तो कोई क्रैश बैरियर लगा था और न ही सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम थे. स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके. वीर जांबाज अमित राणा का अंतिम संस्कार मंगलवार दोपहर बाद उनके पैतृक गांव के तीर्थ स्थल पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा.

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