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Saturday, March 28, 2026

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‘पुरुषों की बच्चादानी के भी कर दिए ऑपरेशन, IGMC-टांडा में ही 110 करोड़ का घोटाला’

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमकेयर योजना को लेकर पक्ष और विपक्ष में अब सीधे टकराव की स्थिति बनती हुई दिख रही है. दोनों के बीच इस योजना को लेकर आमने सामने हैं. एक तरफ सरकार गड़बड़ी की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे सफल योजना बताते हुए सरकार पर इसे बंद करने की साजिश का आरोप लगा रहा है.

अब हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार करते हुए कहा कि ‘हिम केयर योजना में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है. यह करीब 100 करोड़ रुपए का घोटाला है. जयराम ठाकुर इस पूरे मामले की जांच सिटिंग जज से इसलिए करवाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि वो इसे टालना चाहते हैं. हिम केयर योजना में पुरुषों के बच्चादानी के ऑपरेशन किए गए. इतना ही नहीं, कई मरीज़ों को एक्सपायर Eye Lens भी डाल दिए गए. सरकार ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं. सरकार मरीजों के लिए अलग इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में विचार कर रही है.’

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमकेयर योजना की इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट में करीब 100 करोड़ या 110 करोड़ रुपए के घोटाले की बात सामने आई है. अभी हिम केयर योजना को बंद करने का सरकार कोई विचार नहीं है, लेकिन सरकार किसी भी तरह का भ्रष्टाचार सहन नहीं करेगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. विजिलेंस को जांच का जिम्मा दिया है. टांडा और आईजीएमसी में ही 110 करोड़ के घोटाले का पता चला है. प्राइवेट अस्पतालों को हुए भुगतान की अभी जांच सरकार ने की ही नहीं है. वहीं, इससे पहले सीएम सुक्खू ने कहा था कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए विजिलेंस जांच शुरू कर दी गई है. स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील योजना में गड़बड़ी बेहद गंभीर विषय है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

दरअसल योजना में गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने हिमकेयर को “घोटाला” कहे जाने को बेशर्मी करार देते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए थे. नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यदि हिमकेयर में इतना बड़ा घोटाला हुआ है तो पिछले तीन सालों में जांच क्यों नहीं करवाई गई. खर्च के आंकड़ों को लेकर भी स्पष्टता नहीं है.

उन्होंने सदन में कहा था कि सच्चाई सामने आए इसके लिए हिमकेयर योजना की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से होनी चाहिए. हमारी सरकार के कार्यकाल में इस योजना पर करीब 441 करोड़ रुपए खर्च हुए थे, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस योजना पर 972 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं. क्या सरकार अपने कार्यकाल में हुए खर्च की भी जांच करवाएगी. नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या सरकार हिमकेयर योजना को बंद कर नई योजना लाने जा रही है.

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