ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा में ज्वालामुखी-देहरा मार्ग पर धवाला के तीखे मोड़ पर गुरुवार को सड़क हादसा पेश आया. पंजाब के जिला मुक्तसर के मलोट से आए श्रद्धालुओं से भरे एक ट्रक के पलटने से करीब 25 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है.
जानकारी के अनुसार, ट्रक में करीब 40 श्रद्धालु सवार थे, जो ज्वालामुखी स्थित ऊषा देवी धर्मशाला में नवरात्रों के दौरान लंगर सेवा कर वापस लौट रहे थे. ट्रक में श्रद्धालुओं के साथ लंगर का राशन भी रखा हुआ था.
हादसे के समय ट्रक में सवार राम कुमार ने बताया कि सभी श्रद्धालु मलोट (मुक्तसर, पंजाब) से ज्वालामुखी में हर वर्ष की तरह इस बार भी लंगर सेवा के लिए आए थे और सेवा समाप्त कर वापस लौट रहे थे. धवाला के पास तीखे मोड़ पर अचानक ट्रक अनियंत्रित हो गया और पलट गया.
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को ट्रक से बाहर निकाला. सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को सिविल अस्पताल देहरा पहुंचाया गया. कुछ घायलों को निजी वाहनों की सहायता से भी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तीखा मोड़ और वाहन का संतुलन बिगड़ना बताया जा रहा है.
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को ट्रक से बाहर निकाला. सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को सिविल अस्पताल देहरा पहुंचाया गया. कुछ घायलों को निजी वाहनों की सहायता से भी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है.
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तीखा मोड़ और वाहन का संतुलन बिगड़ना बताया जा रहा है.
इस हादसे को लेकर पूर्व मंत्री रमेश ध्वाला ने सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर कई खतरनाक मोड़ हैं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन पर्याप्त चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए हैं. साथ ही उन्होंने मालवाहक वाहनों में सवारियां ढोने पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल, प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है और गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है.

