ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर के बेटे को किडनैप कर फिरौती मांगने की साजिश का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. अब इस केस में शामिल सभी पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. जांच में सामने आया है कि इस वारदात की योजना पिछले 3-4 महीनों से बनाई जा रही थी.
साजिश का पूरा खुलासा
पुलिस जांच में पता चला कि 20 मार्च 2026 को तारापुर में हुई इस वारदात में कई लोग शामिल थे. पहले गिरफ्तार आरोपी मनीष वर्मा उर्फ मोनू से पूछताछ के बाद अन्य आरोपियों के नाम सामने आए. इसमें टशी छेरिंग नेगी, राजेन्द्र कुमार उर्फ राजू और मनमोहन चौहान उर्फ अनु की संलिप्तता पाई गई.
3-4 महीने से बना रहे थे प्लान
जांच में यह भी सामने आया कि सभी आरोपी पिछले 3-4 महीनों से अपहरण की योजना बना रहे थे. घटना के दिन सभी आरोपी एक ही वाहन में सवार होकर मौके पर पहुंचे थे. पुलिस के अनुसार यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें फिरौती मांगने की योजना थी. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजेन्द्र कुमार और मनमोहन चौहान की लोकेशन घटना स्थल के पास पाई. इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया. राजेन्द्र कुमार को मशोबरा के पास से और मनमोहन चौहान को ठियोग में ट्रक यूनियन के नजदीक से पकड़ा गया.
इससे पहले पुलिस ने चरणजीत सिंह, टशी छेरिंग नेगी और मनीष वर्मा को गिरफ्तार किया था. इन तीनों को 24 मार्च 2026 को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया. अब नए गिरफ्तार आरोपियों को भी कोर्ट में पेश किया जा रहा है.
पुलिस का सख्त संदेश
एसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. इस कार्रवाई से शिमला पुलिस ने साफ कर दिया है कि गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जाएगी. समय रहते साजिश का पर्दाफाश होने से एक बड़ी घटना टल गई.

