ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध के बादलों ने सात समंदर पार हिमाचल प्रदेश की रसोई और कारोबार की गणित बिगाड़ दी है। अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल की वजह से कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत पैदा हो गई है, जिससे निपटने के लिए अब हिमाचल के जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। जहां एक ओर व्यापारिक संस्थानों के लिए प्राथमिकता सूची (Priority List) तय की गई है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए स्पष्ट किया गया है कि उनके लिए सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
हमीरपुर डीसी ने तय किया आपूर्ति का ‘प्रोटोकॉल’
हमीरपुर में कमर्शियल गैस की किल्लत को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक विशेष रणनीति तैयार की है। डीसी गंधर्व राठौर ने साफ किया है कि अब व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का वितरण एक व्यवस्थित सूची के आधार पर होगा ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
सबसे पहले एनआईटी (NIT) हमीरपुर, विभिन्न स्कूल और कॉलेजों के हॉस्टलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का नंबर आएगा। शादियों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भी कोटा तय किया जाएगा। फार्मा कंपनियां, सरकारी विश्राम गृह और विभागीय कैंटीन को भी इसी क्रम में रखा गया है।
डीसी ने जनता को भरोसा दिलाया है कि घरेलू एलपीजी (Domestic LPG) की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे ‘पैनिक बुकिंग’ या जमाखोरी न करें, क्योंकि बाजार में घरेलू गैस की सप्लाई बिल्कुल सामान्य है।
मंडी: कालाबाजारी पर सख्त एक्शन
मंडी जिले में भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीसी अपूर्व देवगन ने जिला स्तरीय समिति के साथ मंथन किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और आम उपभोक्ताओं के बीच समन्वय बनाकर गैस वितरण सुनिश्चित करें।
अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हालिया छापेमारी के दौरान सरकाघाट से 13 और ढलवान से 2 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किए जाने की आशंका थी।
बैठक के दौरान जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक बृजेंद्र पठानिया और प्रमुख तेल कंपनियों (IOCL और BPCL) के प्रबंधकों ने स्पष्ट किया कि जिले की सभी 24 गैस एजेंसियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक घरेलू रसोई गैस का स्टॉक पूरी तरह सुरक्षित है।
उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मांग के अनुसार आपूर्ति जारी है। भ्रामक खबरों को रोकने के लिए विभाग लगातार निगरानी रख रहा है।प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई सिलेंडर की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

