ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव से पहले पंचायतों के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में पंचायती राज विभाग ने मंगलवार देर शाम 60 नई पंचायतों के गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी।

हिमाचल में फिर नई पंचायतों का गठन
इस अधिसूचना के माध्यम से आम लोगों से तीन दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। विभाग का कहना है कि प्राप्त सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा के बाद अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।
सुक्खू सरकार ने पिछले दो दिनों में कुल 133 नई पंचायतों के गठन के आदेश जारी किए हैं। इन नई पंचायतों के बनने के बाद हिमाचल प्रदेश में पंचायतों की कुल संख्या बढ़कर 3777 हो जाएगी। राज्य में पंचायतों के पुनर्सीमांकन का कार्य भी नई पंचायतों के गठन के साथ-साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि आगामी पंचायत चुनावों को समय पर कराया जा सके।
31 मई से पहले होंगे चुनाव
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 31 मई से पहले कराए जाएं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार प्रशासनिक स्तर पर तेजी से तैयारियां पूरी कर रही है। नई पंचायतों के गठन के साथ-साथ सीमांकन और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
पंचायती राज विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में प्रदेश के विभिन्न जिलों में नई पंचायतों के गठन का उल्लेख किया गया है। स्थानीय लोगों को तीन दिन की अवधि दी गई है, ताकि वे प्रस्तावित पंचायतों की सीमाओं या गठन से संबंधित किसी भी प्रकार की आपत्ति या सुझाव विभाग के समक्ष रख सकें। इन पर विचार करने के बाद विभाग अंतिम नोटिफिकेशन जारी करेगा और पंचायतों का गठन औपचारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।
31 मार्च तक आरक्षण रोस्टर लागू
इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग भी चुनाव की तैयारियों को लेकर सक्रिय हो गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण रोस्टर लागू करने की प्रक्रिया 31 मार्च तक हर हाल में पूरी कर ली जाए।
मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त ने शहरी विकास, ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पंचायतों के पुनर्गठन, आरक्षण रोस्टर, चुनावी प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा हुई।
जल्द बनेंगी नई पंचायतें
अनिल खाची ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई पंचायतों के गठन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जानी चाहिए, ताकि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद किसी तरह की प्रशासनिक बाधा सामने न आए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संबंधित विभागों को न्यायालय के निर्देशों के अनुसार तय समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो पंचायत चुनावों को निर्धारित समय के भीतर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना आसान होगा।
21 नए नगर निकायों के चुनाव पर भी चर्चा
बैठक के दौरान प्रदेश में प्रस्तावित 21 नए नगर निकायों के चुनाव को लेकर भी चर्चा की गई। हालांकि इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारियों ने चुनाव आयुक्त को बताया कि नगर निकायों के गठन और चुनाव से जुड़ी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखते हुए समय पर सभी तैयारियां पूरी की जाएं, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।
