ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मौसम के मिजाज में एक अजीब सी तल्खी देखने को मिल रही है। आमतौर पर मार्च के महीने में जिस ठंडक की उम्मीद की जाती है, उसकी जगह चिलचिलाती धूप ने ले ली है। स्थिति यह है कि पहाड़ों की रानी शिमला में पारा सामान्य से करीब 9 डिग्री ऊपर जा पहुँचा है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

सूरज की तपिश से पिघलने लगे पहाड़:
हिमाचल की वादियों में इस बार कुदरत का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। जहां लोग बसंत की सुहानी हवाओं का इंतज़ार कर रहे थे, वहां आसमान से बरसती आग ने पहाड़ों को झुलसा दिया है।
कुदरत का अजीब संकेत: देवदार से रिस रहा तेल
गर्मी का आलम यह है कि शिमला के विशालकाय देवदार के वृक्ष भी इस तपिश को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। तेज धूप के कारण इन पेड़ों से चिपचिपा तेल (रेजिन) टपकने लगा है। धूप से बचने के लिए जो लोग इन पेड़ों की छांव का सहारा ले रहे हैं, उन पर तेल की बूंदें गिर रही हैं, जो इस असामान्य गर्मी का स्पष्ट प्रमाण है।
मैदानी इलाकों जैसा हाल: चार जिलों में ‘हीटवेव’ का प्रकोप
रविवार को प्रदेश के कई हिस्से लू की चपेट में रहे। सुंदरनगर, भुंतर, धर्मशाला और सोलन में गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सोमवार को भी इन क्षेत्रों में लू का सितम जारी रह सकता है। वहीं, ताबो जैसे ठंडे इलाके में भी 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी ने सबको हैरान कर दिया।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान और राहत की आस
यलो अलर्ट: 11 और 12 मार्च को लाहुल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू में तेज आंधी (40-50 किमी/घंटा) चलने की संभावना है।
ऊंचाई वाले इलाकों में हल्के हिमपात और कुछ क्षेत्रों में बारिश के आसार जताए गए हैं, जिससे इस भीषण गर्मी से कुछ हद तक निजात मिल सकती है।
फिलहाल ऊना 33.4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में कहीं हल्की गिरावट तो कहीं बढ़ोतरी देखी जा रही है।
