ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

जिला ऊना के रैसरी गाँव में यह खुशी पल भर में मातम में बदल गई। नियति के क्रूर खेल ने दो मासूम सगी बहनों को उस समय अपना निशाना बनाया, जब वे अपने घर की दहलीज के बेहद करीब थीं। एक निजी स्कूल बस की लापरवाही या बदकिस्मती ने इन मासूमों को सीधे अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में पहुँचा दिया।

जब सुरक्षा का पहिया ही काल बन गया
घटना उस वक्त की है जब रैसरी निवासी सुशील कुमार की दो बेटियां, आशश्वी और परीक्षा, रोजाना की तरह अपनी स्कूल बस से वापस घर लौट रही थीं। एलकेजी और यूकेजी में पढ़ने वाली ये नन्हीं छात्राएं बस से नीचे उतरी ही थीं कि अचानक अनहोनी घट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही चालक ने बस को मोड़ने के लिए गियर बदला, दोनों बच्चियां अनजाने में वाहन के टायर की जद में आ गईं। जिस बस ने उन्हें सुरक्षित घर पहुँचाने का जिम्मा लिया था, वही उनके लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए बिना समय गंवाए लहूलुहान बच्चियों को नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को अत्यंत नाजुक पाया। बच्चियों को गहरे जख्म और आंतरिक चोटें आने के कारण, उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ (PGI Chandigarh) रेफर कर दिया गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई और क्षेत्र में पसरा सन्नाटा
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय ग्रामीणों में स्कूल प्रबंधन और चालक की सतर्कता को लेकर भारी रोष और चिंता है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल का मुआयना किया है और वाहन चालक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल, पूरा क्षेत्र इन दोनों नन्हीं कलियों के सकुशल घर लौटने की दुआएं कर रहा है।
