Saturday, March 7, 2026
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सिरमौर की बेटी का कमाल : पहले IPS बनीं, अब IAS भी क्लियर- बिना कोचिंग के पाया बड़ा मुकाम

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। नाहन विकास खंड के त्रिलोकपुर की रहने वाली निधि चौधरी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अपनी रैंक में उल्लेखनीय सुधार कर न केवल अपने सपने को नई दिशा दी है, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। पहले प्रयासों में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित हो चुकी निधि ने इस बार अपनी रैंक बेहतर करते हुए IAS बनने के लक्ष्य की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है।

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पिछली रैंक से बेहतर प्रदर्शन

महज 25 वर्ष की उम्र में निधि चौधरी ने पहले UPSC परीक्षा में 691वीं रैंक हासिल की थी, जिसके आधार पर उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ था। हालांकि उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाना था। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एक बार फिर परीक्षा दी और इस बार 466वीं रैंक हासिल कर अपनी मेहनत का लोहा मनवा दिया।

इस समय निधि हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। लेकिन अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने प्रशिक्षण से एक वर्ष का अवकाश लेकर पूरी तरह से UPSC की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया। परिणाम घोषित होते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। जैसे ही निधि की बेहतर रैंक की खबर मिली, घर में बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।

निधि के पिता धनीराम आईटीबीपी में सहायक कमांडेंट के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में दिल्ली में तैनात हैं। उनकी माता जसविंदर कौर गृहिणी हैं। परिवार ने शुरू से ही निधि को पढ़ाई और उसके सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

पिता की चंडीगढ़ में तैनाती के कारण निधि की शुरुआती पढ़ाई भी चंडीगढ़ में ही हुई। वह बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की है।

निधि की सफलता की खास बात यह भी है कि उन्होंने UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। दिल्ली जैसे शहर में रहते हुए भी उन्होंने स्वयं अध्ययन को ही अपना आधार बनाया।

उन्होंने अनुशासन, नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास के बल पर अपनी तैयारी जारी रखी। लगातार पांचवें प्रयास में उन्हें यह सफलता मिली है, जो उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत को दर्शाती है।

निधि चौधरी की इस उपलब्धि से नाहन विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ गुर्जर समाज में भी खुशी और गर्व का माहौल है। बेहतर रैंक हासिल करने के बाद उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

निधि इस समय प्रशिक्षण में व्यस्त होने के कारण सीधे तौर पर बातचीत नहीं कर पाईं, लेकिन उनके पिता ने बताया कि बचपन से ही निधि का सपना IAS अधिकारी बनने का था। उन्होंने कहा कि IPS मिलने के बाद भी निधि ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रहीं।

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