Monday, February 9, 2026
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हिमाचल में RDG पर सियासत तेज : अब पेंशन व सैलरी पर पड़ेगा असर, जानिए और क्या बोले CM ?

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश में राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हालिया लैंड टैक्स फैसले के बाद अब आशंका जताई जा रही है कि RDG बंद होने का असर पेंशनरों और सरकारी कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है, जिससे राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।

विकास कार्यों और राजस्व पर किया फोकस

बता दें कि CM ने राज्य सरकार की वित्तीय उपलब्धियों और विकास योजनाओं को सामने रखते हुए बताया कि बीते तीन वर्षों में सरकार ने अपने संसाधनों से रिकॉर्ड राजस्व जुटाया है। । इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न जिलों के विधायकों के साथ बैठक कर उनके क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं, विकास कार्यों और प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की, जिसमें सड़कों, स्वास्थ्य, पर्यटन, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े अहम मुद्दे उठाए गए।

CM सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले तीन सालों में अपने दम पर अच्छी-खासी आमदनी जुटाई है। उन्होंने विधायकों के साथ बैठक कर अलग-अलग जिलों की समस्याओं और जरूरतों पर बात की, जिसमें सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं, पर्यटन, शिक्षा और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।

RDG से सैलरी-पेंशन पर संकट

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में हुई विधायकों की बैठक के दौरान कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आरडीजी बंद किए जाने से हिमाचल को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि अगर आरडीजी नहीं मिला तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन पर असर पड़ सकता है।

इसके साथ ही कई विकास काम रुक सकते हैं। CM ने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार को आरडीजी फिर से शुरू करनी चाहिए और राज्य को खास आर्थिक मदद देनी चाहिए। बैठक में कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के विधायकों ने अपने-अपने इलाकों की समस्याएं और जरूरतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं।

मनाली विधायक भुवनेश्वर गौड़

जिला कुल्लू के विधायक भुवनेश्वर गौड़ का कहना है कि पर्यटन सीजन में मनाली में भीड़ बहुत बढ़ जाती है, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही मनाली में आइस स्केटिंग रिंक बनाया जाए और लेफ्ट बैंक सड़क को मजबूत किया जाए।

उन्होंने मांग की कि PMGSY के तहत जिन सड़कों को मंजूरी मिली है, उनका काम समय पर पूरा हो। मणिकर्ण जाने के लिए एक वैकल्पिक सड़क बनाई जाए और कुल्लू के मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में स्टाफ की कमी दूर की जाए।

सड़कों की हालत सुधारी जाए

बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी उनका कहना है कि बंजार क्षेत्र की सड़कों की हालत खराब है, इसलिए उन्हें सुधारा जाए। लुहरी सड़क की मरम्मत हो और लारजी में वाटर स्पोर्ट्स शुरू कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए।

आनी विधायक लोकेंद्र कुमार उन्होंने आनी आदर्श अस्पताल की सुविधाएं बेहतर करने, चिट्टा माफिया पर सख्त कार्रवाई करने और बागवानों की फसल को ओलावृष्टि से बचाने के लिए एंटी-हेल गन लगाने की मांग की।

विधायकों ने CM के सामने रखी यह मांगे

जिला मंडी के करसोग विधायक दीपराज- उन्होंने करसोग क्षेत्र में बस सेवाएं बढ़ाने और सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी लाने की बात कही।

सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल- उनका कहना है कि निहरी CHC और बलग PHC के भवनों का काम जल्दी पूरा होना चाहिए। निहरी क्षेत्र के लिए सतलुज नदी से पानी उठाने की व्यवस्था की जाए और ITI डैहर व सुंदरनगर इंडोर स्टेडियम का काम पूरा किया जाए।

नाचन विधायक विनोद कुमार- उन्होंने आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में फुटओवर ब्रिज बनाने और नाचन डिग्री कॉलेज में बन रहे इंडोर स्टेडियम का निर्माण जल्द पूरा करने की मांग रखी।

द्रंग विधायक पूर्ण सिंह ठाकुर- उन्होंने पधर से मंडी फोरलेन के कारण स्थानीय लोगों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया और PHC भवन निर्माण में तेजी लाने को कहा।

जोगिंदर नगर विधायक प्रकाश राणा- उनका कहना है कि कई सड़कें बंद पड़ी हैं, उन्हें फिर से खोला जाए और क्षेत्र में पानी व बिजली की सुविधा सुधारी जाए।

धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर- उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने, धर्मपुर बस अड्डे को हर साल हो रहे नुकसान से बचाने की योजना बनाने और दूध कलेक्शन सेंटर व चिलिंग प्लांट लगाने की मांग की।

बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी- उन्होंने अधूरे पुल और कलवर्ट जल्द पूरे करने और पेयजल योजनाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।

मंडी विधायक अनिल शर्मा उनका कहना है कि भारी वाहनों के लिए मंडी बाईपास सड़क बनाई जाए, मंडी जेल को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए और कोटली क्षेत्र मेंबिजली की समस्या दूर की जाए।

सरकाघाट विधायक दिलीप ठाकुर- उन्होंने सिविल अस्पताल सरकाघाट का अधूरा भवन पूरा करने और डॉक्टरों के खाली पद भरने की मांग की।

जिला शिमला चौपाल विधायक बलबीर वर्मा- उन्होंने सैंज-देहा-चौपाल सड़क को सुधारने और सरकारी दफ्तरों में खाली पद जल्द भरने की बात कही।

बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शिमला जिले की अन्य विधानसभा क्षेत्रों और कांगड़ा जिले के विधायकों से उनकी प्राथमिकताएं जान रहे हैं।

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