Saturday, February 7, 2026
HomeUncategorizedबजट 2026-27 विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप का मजबूत दस्तावेज...

बजट 2026-27 विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप का मजबूत दस्तावेज : सुरेश कश्यप

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताया। शनिवार को नाहन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था में व्यापक और संरचनात्मक परिवर्तन हुआ है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह लगातार नौवां बजट उस परिवर्तन यात्रा को नई गति देने वाला है। उन्होंने कहा कि कर्तव्य भवन से प्रस्तुत यह पहला बजट है, जो कर्तव्य पथ की भावना के अनुरूप राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण को केंद्र में रखता है। इस बजट का मूल मंत्र आत्मनिर्भर भारत है और सरकार के निर्णयों का सीधा लाभ आम नागरिक तक पहुंचे, इस सोच के साथ इसे तैयार किया गया है। आर्थिक विकास, महंगाई नियंत्रण, रोजगार सृजन और अवसर विस्तार को बजट का केंद्रीय आधार बनाया गया है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बजट ने नई ऊंचाई तय की है। वर्ष 2014-15 में केंद्र का सार्वजनिक पूंजीगत व्यय लगभग 2 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 11.2 लाख करोड़ रुपये हो गया और 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों, 5 लाख तक की आबादी वाले नगरों में आधारभूत ढांचे का विकास, निवेश और रोजगार अवसर बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। देश को बायोफार्मा और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में बजट में बड़ा प्रावधान किया गया है। कोविड काल में भारत ने दुनिया को वैक्सीन और दवाइयां देकर अपनी क्षमता सिद्ध की थी और अब बायोफार्मा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष निवेश और संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा। सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और इंडस्ट्रियल रिसर्च एवं ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने का भी प्रावधान है।

स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई जीवनरक्षक दवाओं पर आयात शुल्क घटाया या समाप्त किया गया है। कैंसर, मधुमेह, हृदय, किडनी और लीवर रोग से संबंधित अतिरिक्त दवाओं को भी राहत सूची में शामिल किया गया है, जिससे मरीजों को सस्ती दरों पर इलाज उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल और खादी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मेगा टेक्सटाइल पार्क और महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार पहल शुरू की जा रही है। मेक इन इंडिया और निर्यात बढ़ाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, नए जलमार्ग, शिप रिपेयर इकोसिस्टम और कनेक्टिविटी परियोजनाएं भी बजट की प्रमुख घोषणाओं में शामिल हैं

एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने, सरकारी खरीद को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने और बैंकिंग सेक्टर सुधारों के लिए उच्च स्तरीय समिति गठन का भी निर्णय लिया गया है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग संरचना में आवश्यक सुधारों का रोडमैप तैयार किया जाएगा। विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए भारतीय कंपनियों में निवेश सीमा 5% से बढ़ाकर 10% करने का प्रस्ताव भी निवेश को बढ़ावा देगा। शिक्षा, कौशल, उद्यमिता, एआई और उभरती तकनीकों को बजट में विशेष प्राथमिकता दी गई है। आयुष और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित होंगे और पारंपरिक चिकित्सा के लिए वैश्विक सहयोग केंद्र भी विकसित किया जाएगा। पशु चिकित्सा, कृषि विविधीकरण और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह आधारित मॉडल को आगे बढ़ाते हुए “शी-मार्ट” जैसे ढांचे विकसित किए जाएंगे और हर जिले में बालिका छात्रावास स्थापित करने का प्रावधान है। खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से खेल और युवा शक्ति को नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए जाने वाले ब्याज पर आयकर छूट और टीडीएस समाप्त करने का निर्णय भी आम नागरिक को राहत देने वाला कदम है। सुरेश कश्यप ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति, हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र सुधार, स्वास्थ्य सुरक्षा, महिला–युवा सशक्तिकरण और समावेशी विकास का विजन प्रस्तुत करता है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments