ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के दौर के बाद अब मौसम साफ होते ही जनजीवन को पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। धूप खिलने के साथ ही लोक निर्माण विभाग ने बंद पड़ी सड़कों को खोलने के काम में तेज़ी ला दी है। विशेष रूप से लाहौल-स्पीति में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शिंकुला दर्रा को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। हालांकि, कुल्लू जिले में अभी भी 34 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं, जिन्हें खोलने का प्रयास जारी है।
कड़ाके की ठंड और कोहरे का डबल अटैक
भले ही आसमान साफ हो गया हो, लेकिन न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट ने दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहाँ पारा गिरकर -14.9°C तक पहुँच गया है। ताबो में 11.4°C, शिमला व मंडी में 5.0°C तक तापमान पहुंच गया है।
बर्फबारी के बाद कुल्लू घाटी में स्थिति लगभग सामान्य है, जहाँ अब केवल 2 डीटीआर (ट्रांसफार्मर) ही ठप पड़े हैं। वहीं, मैदानी इलाकों में विजिबिलिटी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है। बिलासपुर और सुंदरनगर में ‘घना कोहरा’ छाया हुआ है, जबकि मंडी में मध्यम कोहरे के कारण सुबह के समय वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान: फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव बना रहेगा:
तत्काल स्थिति (6 – 9 फरवरी): ऊंचे पहाड़ी इलाकों में छिटपुट बर्फबारी और बारिश की संभावना है। बिलासपुर (भाखड़ा बांध), हमीरपुर और मंडी (बल्ह घाटी) जैसे क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने का अलर्ट है। 7 और 8 फरवरी को अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहेगा, जिससे दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
8 फरवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की उम्मीद है। इसके प्रभाव से 10 और 11 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम बारिश और बर्फबारी की आशंका जताई गई है, जिससे तापमान में दोबारा गिरावट आ सकती है।
प्रशासन ने ऊंचे क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को फिसलन और ठंड के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है।
