ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश और देश भर में मंगलवार को बैंककर्मियों की एक दिवसीय हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं बाधित हो गई।‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस'( यूएफबीयू) द्वारा बुलाई गई इस हड़ताल की मुख्य मांग पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल लागू करना है। महीने के चौथे शनिवार, रविवार और गणतंत्र दिवस की लगातार छुट्टियों के कारण सेवाएं पहले से ही प्रभावित थीं। इस हड़ताल ने कामकाज को पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे शिमला में कई ग्राहक यूको और एसबीआई की शाखाओं में अपने चेक जमा नहीं कर पाए।
बैंकिंग सेवाएं प्रभावित
यूनियन मार्च 2024 में ‘इंडियन बैंक्स एसोसियेशन'(आईबीए) के साथ हुए समझौते को लागू करने में हो रही देरी का विरोध कर रही हैं। इस समझौते में सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने का प्रस्ताव दिया गया था। वर्तमान में, बैंक केवल दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जिसके कारण महीने के बाकी दो हफ्तों में कर्मचारियों को छह दिन काम करना पड़ता है। यूएफबीयू का तर्क है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), एलआईसी और अधिकांश सरकारी कार्यालयों में पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह पहले से ही लागू है। उनके प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि साप्ताहिक घंटों को बनाए रखने के लिए सोमवार से शुक्रवार तक दैनिक कार्य समय को लगभग 40 मिनट बढ़ा दिया जाए।
मार्च 2024 में एक संयुक्त नोट जारी किया गया था, लेकिन सरकार की अंतिम मंजूरी अभी भी लंबित है। 26 जनवरी की आधी रात से 27 जनवरी की आधी रात तक चलने वाली इस हड़ताल ने देश भर में नकद लेनदेन, चेक क्लीयरिंग और शाखा सेवाओं को प्रभावित किया है।
