ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के सुंदरनगर डिपो के ड्राइव और कंडक्टर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ईमानदारी आज भी हमारे समाज में जीवित है. मनाली से दिल्ली रूट पर संचालित हो रही बस नंबर HP31D-3865 के परिचालक रमेश कुमार और चालक संतोष कुमार ने अपनी ईमानदारी और इंसानियत से न सिर्फ विभाग का मान बढ़ाया, बल्कि समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण भी पेश किया है.
HRTC प्रबंधन के अनुसार, जब HRTC बस दिल्ली पहुंची और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार दिया गया, तो रूट समाप्त होने के बाद दोनों स्टाफ सदस्यों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बस का पूरा निरीक्षण किया. यह उनकी रूटीन कार्य शैली का हिस्सा था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी यात्री का कोई सामान, पर्स या जरूरी वस्तु बस में न छूट गई हो. इसी दौरान उन्हें एक वॉलेट मिला, जिसे खोलकर देखने पर उसमें पूरे 1 लाख रुपए की राशि मौजूद थी. इतनी बड़ी रकम देखकर भी दोनों कर्मचारियों का ईमान नहीं डगमगाया. उन्होंने वॉलेट में मिले दस्तावेजों और कॉन्टैक्ट नंबर के आधार पर असली मालिक से संपर्क किया.
फोन पर पूरी जानकारी की पुष्टि करने के बाद सही व्यक्ति को बुलाया गया. जब वॉलेट के असली मालिक की पहचान सुनिश्चित हो गई, तो दोनों ने पूरा पैसा सुरक्षित, सम्मानपूर्वक और पूरी ईमानदारी के साथ उसे लौटा दिया. अपनी खोई हुई बड़ी रकम वापस पाकर यात्री की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उसने HRTC स्टाफ का आभार व्यक्त किया. पैसा मिलने पर व्यक्ति ने कहा कि, एक लाख रुपए जैसी बड़ी रकम कोई भी अपने पास रख सकता था और शायद किसी को कभी पता भी न चलता, लेकिन सुंदरनगर डिपो के इन कर्मियों ने पैसों से ऊपर अपने ज़मीर, ईमानदारी और इंसानियत को रखा. यही असली चरित्र है, यही असली सेवा भावना है और यही HRTC की सच्ची पहचान है
HRTC प्रबंधन ने कहा कि, इस सराहनीय कार्य से यह संदेश जाता है कि आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं जो नैतिक मूल्यों और कर्तव्य को सर्वोपरि मानते हैं. रमेश कुमार और संतोष कुमार जैसे कर्मचारी वास्तव में विभाग का गौरव हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत भी. HRTC प्रबंधन और आम जनता ने भी दोनों की खुले दिल से प्रशंसा की है.
