ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश का सिरमौर जिला एक बार फिर अपने वीर सपूतों की बहादुरी पर गर्व महसूस कर रहा है। गिरिपार क्षेत्र के छोटे से गांव चियाड़ो के सूबेदार बाबू राम शर्मा और नौहराधार के थनगा गांव के जवान अनिल कुमार को भारतीय सेना द्वारा सेना मैडल से सम्मानित किया गया है। दोनों जवानों ने अलग-अलग मोर्चों पर अदम्य साहस, सूझबूझ और कर्त्तव्यनिष्ठा का परिचय देकर न केवल अपनी यूनिट, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।
17 हजार फुट पर मौत को दी मात
दरअसल गत्ताघार के चियाड़ो गांव निवासी सूबेदार बाबू राम शर्मा 26 नवम्बर 2023 को 18वीं डोगरा बटालियन के साथ 17,000 फुट की ऊंचाई पर निगरानी गश्त का नेतृत्व कर रहे थे। बर्फ से ढके दुर्गम इलाके में उनकी टीम अनजाने में बारूदी सुरंग क्षेत्र में फंस गई। खराब मौसम और जानलेवा हालात के बीच सूबेदार बाबू राम शर्मा ने अपनी जान की परवाह किए बिना आगे बढ़ते हुए करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत से इन्फेंट्री सेफ लेन तैयार की और पूरी टीम को सुरक्षित बाहर निकाला। उनके इसी असाधारण साहस और नेतृत्व के लिए उन्हें सेना मैडल (वीरता) से सम्मानित किया गया।
संघर्ष से शिखर तक का सफर
1998 में बेहद साधनहीन परिस्थितियों में सेना में भर्ती हुए बाबू राम शर्मा चियाड़ो गांव से सेना में जाने वाले पहले व्यक्ति हैं। सड़क और मैदान के अभाव में पथरीले रास्तों पर दौड़ लगाकर उन्होंने तैयारी की। पिता देवी राम और माता चंदो देवी के त्याग व परिवार के सहयोग से उन्होंने करीब 28 वर्षों की सैन्य सेवा पूरी की है। उनका कहना है कि परिवार का साथ न होता तो यह सफर संभव नहीं था।
कश्मीर में गूंजा सिरमौरी शेर
उधर नौहराधार के थनगा गांव निवासी अनिल कुमार ने जम्मू-कश्मीर के डोडा क्षेत्र में 26 जून 2024 को “ऑप्रेशन लागौर” के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ अद्वितीय साहस दिखाया। राष्ट्रीय राइफल के जवान अनिल कुमार ने शार्प शूटर की भूमिका निभाते हुए मुठभेड़ में तीन आतंकियों को सटीक निशाने से ढेर कर दिया। उनकी इस कार्रवाई से आतंकियों की भागने की कोशिश नाकाम हुई और ऑप्रेशन को निर्णायक सफलता मिली।
जयपुर में सम्मान, गांव में गर्व
अनिल कुमार की बहादुरी को सम्मान देते हुए भारतीय सेना की साऊथ-वैस्टर्न कमांड ने 9 जनवरी को जयपुर में आयोजित समारोह में उन्हें सेना मैडल से अलंकृत किया। वर्ष 2008 में 72 आर्म्ड रैजीमैंट में भर्ती हुए अनिल कुमार आठ भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। पिता भले ही इस गौरवपूर्ण क्षण को न देखने के लिए दुनिया में नहीं हैं, लेकिन मां और बहनों की आंखों में गर्व के आंसू छलक रहे हैं।
वीरों की धरती सिरमौर
गौरतलब है कि अब तक 43 वीर सपूतों को देश के लिए समर्पित कर चुका सिरमौर जिला आज भी देशभक्ति और बलिदान की मिसाल बना हुआ है। सूबेदार बाबू राम शर्मा और अनिल कुमार की शौर्य गाथाएं साबित करती हैं कि संसाधनों की कमी कभी हौसलों को नहीं रोक सकती। ये दोनों वीर न केवल सिरमौर, बल्कि पूरे हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं कि जब देश पुकारता है तो यहां के बेटे सबसे आगे खड़े नजर आते हैं।
