ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)

नववर्ष 2026 के उपलक्ष्य पर हाल ही में पश्मी बिराजमान हुए चालदा महासू महाराज के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पश्मी पहुंचे, जबकि पिछली शाम ही हजारों श्रद्धालुओं ने पश्मी पहुंचे कर रात्रि जागरण के बाद सुबह महासू महाराज के दर्शन पाए।

नए साल की सुबह से श्रद्धालुओं की लगातार दर्शन के लिए लम्बी कतारों में महाप्रभु के दर्शन के लिए आतुर दिखे। उत्तराखंड व हिमाचल क्षेत्र से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के महासू महाराज के उधघोष से पूरा दिन महासू नगरी पश्मी गूंजती रही। इतिहास में पहली बार सिरमौर के गुमनाम गांव पश्मी में चालदा महाराज के विराजमान के बाद पश्मी गांव आस्था का केंद्र बन चूका है, पश्मी का नाम हर जगह अब चर्चाओं में रहता है ओर हर वख्त लोगों की सोशल मिडिया पर मंदिर के साथ ली गई यादगार सेल्फियों में खूब प्रचलित हो गया है।
महासू सिमिति पश्मी सदस्य प्रकाश चौहान ने बताया कि पिछली शाम को ही लगभग पांच हजार श्रद्धालु पश्मी पहुंच चुके थे, जिन्होंने सुबह चालदा महाराज के दर्शन के किये। सुबह से करीब दस हजार श्रद्धालु छत्रधारी के दरबार में दस हजार के करीब श्रद्धालुओं ने शीश नवाया है।
उन्होंने बताया कि पश्मी में महारज के दर्शन के लिए लोग पहुंचते है, जिसकी व्यवस्था के लिए गांव के बच्चे, महिला सहित, बाहर से पहुंचे श्रद्धालु भी सेवा में जुटे हुए है, गाड़ियों की पार्किंग, श्रद्धालुओं को भोजन की व्यवस्था, मंदिर परिसर में रात्रि ठहराव की व्यवस्था में दिन रात सेवा में जुटे है।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते पानी की सप्लाई मंदिर के लिए जोड़ी गई है। पानी की आपूर्ति के अभाव से गांव पहुंच रहे श्रद्धालुओं को नहाने व शौच के लिए पानी की समस्या से जूझ रहा है, साथ ही शिलाई बाजार से हॉस्पिटल तक ट्रैफिक जाम भी समस्या बनती जा रही है। जिस के निदान के लिए महासू समिति पश्मी हॉस्पिटल से वन वे रास्ते की मुरम्मत कर जल्दी से गाड़ियों के लिए खोल दे।
