ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा प्रदेश के युवाओं को राजनीति, पॉलिसी और नेतृत्व की अगली पीढ़ी के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से शुरू किए गए लीडरशिप फैलोशिप कार्यक्रम को शानदार कामयाबी मिली है। प्रदेशभर से अब तक 10,000 से युवाओं ने इस कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इस आंकड़े को पार करने पर अनुराग ठाकुर ने खुशी जताते हुए इसे कार्यक्रम की लोकप्रियता और युवाओं की राष्ट्रनिर्माण के प्रति बढ़ती रुचि का प्रमाण बताया है।
भविष्य का नेतृत्व तैयार करना है मुख्य उद्देश्य
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार एक लाख युवाओं को राजनीति में लाने का आह्वान किया है। इसी विजन को ध्यान में रखते हुए 23 जनवरी को इस फैलोशिप कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। इसका मकसद हिमाचल के युवाओं में सार्वजनिक नीति की समझ विकसित करना, उन्हें राजनीति में भागीदारी के लिए प्रेरित करना और एक नीतिपरक व सामाजिक रूप से संवेदनशील नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार करना है।
21 युवाओं का होगा चयन, प्रत्येक को मिलेगा 1.21 लाख का स्टाइपैंड
कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए अनुराग ठाकुर ने बताया कि इन 10 हजार युवाओं में से शीर्ष 21 फैलो का चयन किया जाएगा।
चयनित प्रत्येक युवा को 1.21 लाख रुपए का स्टाइपैंड दिया जाएगा। इन युवाओं को विशेष प्रशिक्षण, बूट कैंप और फील्ड एक्सपोजर प्रदान किया जाएगा। ये युवा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जाकर समुदायों से जुड़ेंगे और स्थानीय मुद्दों का अध्ययन करेंगे। साथ ही, इस बात का भी विश्लेषण करेंगे कि 2047 तक हिमाचल प्रदेश को एक पूर्ण विकसित राज्य बनाने में सार्वजनिक नीतियां कैसे मददगार साबित हो सकती हैं।
अन्य राज्यों में भी लागू होगा मॉडल
इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी को उत्साहजनक बताते हुए अनुराग ठाकुर ने उम्मीद जताई कि हिमाचल की इस सफल पहल का मॉडल आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों में भी दोहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कैंपस फैलोशिप, इंटर्नशिप और जमीनी स्तर की परियोजनाओं के माध्यम से युवा सीधे तौर पर राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया में अपनी सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।
