
ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)

भाजयुमों प्रदेश कार्यसमिति सदस्य चरणजीत सिंह चौधरी ने पांवटा साहिब के विश्वकर्मा चौक पर एक व्यक्ति की निर्मम हत्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासन से माँग की कि उक्त मामले में न्याय पूर्ण जाँच हों और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

चरणजीत ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना भाजयुमों की प्राथमिकता है। पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच करे और हत्या में शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए।
*सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार दे जवाब*
चरणजीत ने कहा कि पांवटा साहिब हिमाचल का एक महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्र है, जहां उत्तराखंड और हरियाणा की सीमाएं नजदीक हैं। इसके साथ ही यहां बड़ा औद्योगिक क्षेत्र व क्रशर जोन है, जहां प्रदेश ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में मजदूर, कर्मचारी और अन्य लोग रोजाना आते-जाते हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार से सीधा सवाल किया कि इतने संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या पुख्ता इंतजाम किए हैं…? सरकार बताए कि औद्योगिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों की पहचान और सत्यापन की क्या व्यवस्था है? क्या उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों और बाहर से आने वाली लेबर का उचित रिकॉर्ड और पहचान-पत्रों की जांच सुनिश्चित की जा रही है…? रात के समय संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की कितनी गश्त और निगरानी रहती है….?
चरणजीत ने कहा कि यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पांवटा साहिब के औद्योगिक क्षेत्र में पहले भी आपराधिक घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल ही में गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई थी, जिसमें एक निजी कंपनी के सुरक्षा ठेकेदार पर मामला दर्ज हुआ था।जो बाहरी राज्य से था।
उन्होंने कहा कि जब औद्योगिक क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर पहले से घटनाएं सामने आ रही हों और अब व्यस्त विश्वकर्मा चौक के पास रात के समय एक व्यक्ति की हत्या हो जाए, तो सरकार को केवल घटना के बाद जांच की औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
*क्या किसी और बड़े अपराध का इंतजार कर रही है सरकार..?*
चरणजीत ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह किसी और बड़ी घटना का इंतजार कर रही है…? क्या सरकार तब जागेगी जब कोई और बड़ा अपराध हो जाएगा…? आंखें मूंदकर बैठने से कानून व्यवस्था मजबूत नहीं होती।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र और औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण पांवटा साहिब में विशेष सुरक्षा व्यवस्था, नियमित पुलिस गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी, सीसीटीवी नेटवर्क और बाहर से आने वाले लोगों के सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केवल अपराध होने के बाद बयान देने और जांच की बात करने के बजाय यह बताए कि अपराध रोकने के लिए पहले से क्या तैयारी है। जनता को सुरक्षा चाहिए, आश्वासन नहीं।
उन्होंने कहा कि भाजयुमों सरकार से मांग करती है कि पांवटा साहिब की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए, औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और पुलिस की मौजूदगी एवं निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही वर्तमान हत्याकांड के दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
चरणजीत ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले ऐसी व्यवस्था खड़ी करना है जिससे अपराधियों के मन में कानून का भय रहे और आम नागरिक सुरक्षित महसूस करे।
