ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
राज्य में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से तप रहे मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों को पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण ने बड़ी राहत दी है। आज भी राजधानी शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा सहित प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है, जिससे मौसम बेहद सुहावना हो गया है। देश में प्री-मानसून की सक्रियता के चलते आसमान में बादल डेरा डाले हुए हैं और ठंडी हवाओं ने लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी चिलचिलाती धूप से निजात दिलाई है।
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। इसके साथ ही राज्य की ऊंची चोटियों पर हुए हल्के हिमपात के कारण पूरे प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट आई है। इसके चलते गर्मी में तप रहे ऊना में अधिकतम तापमान लुढ़ककर 29 डिग्री और राजधानी शिमला में 22.5 डिग्री सैल्सियस पर आ गया है। इससे पहले शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारें गिरी थीं।
सुहावने मौसम के बीच मौसम विभाग ने खतरे को लेकर अलर्ट भी जारी किया है। आगामी 24 घंटों के दौरान सिरमौर और शिमला जिलों के कुछ संवेदनशील जलग्रहण क्षेत्रों तथा निचले इलाकों में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का खतरा जताया गया है। इसे देखते हुए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों के पास बिल्कुल न जाने की सख्त सलाह दी गई है। इसके अलावा, आज लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर राज्य के शेष 10 जिलों में तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 जून तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने का अनुमान लगाया है। मौसम विभाग के अनुसार 14 से 18 जून की इस अवधि के दौरान प्रदेश के उच्च और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर तथा मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके साथ ही ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का सिलसिला भी बना रहने की संभावना है, जिससे आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
