ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट शिमला ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार, 7 दिसम्बर 2024 को थाना जुब्बल में भारतीय न्याय संहिता की धारा 65 तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में एक नाबालिग बालिका के साथ गंभीर यौन अपराध किए जाने के आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया, चिकित्सीय एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट शिमला ने 3 जून 2026 को आरोपी अंशुल पुत्र केवल राम, निवासी तहसील जुब्बल, जिला शिमला को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषी को पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह ने कहा कि जिला शिमला पुलिस महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है। साथ ही पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
