ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों, कर्मचारियों पेंशनरों की लंबित देनदारियों को लेकर राज्य सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं. प्रदेश सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों और सरकारी कर्मचारियों के लंबित मेडिकल क्लेम के जल्द भुगतान के आदेश दिए हैं. वहीं, नशा तस्करी में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखने के संकेत भी दिए हैं.
चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के एरियर भुगतान का निर्देश
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज प्रशासनिक सचिवों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए 15 अप्रैल को की गई घोषणा के अनुरूप सभी विभागों के चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के लंबित एरियर का भुगतान करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि रिटायर और सेवा में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों (Medical Reimbursement Claims) का भी शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए.
4 दिनों में लंबित देनदारियों के भुगतान का निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को 4 दिनों के अंदर लंबित देनदारियों का भुगतान करने और अनुपालन रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपने के निर्देश दिए. उन्होंने सभी विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा और चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बैठक के दौरान सीएम सुक्खू ने प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की भी समीक्षा की. उन्होंने कहा कि सरकार मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि नशे से जुड़ी अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर अब तक 31 सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि चिट्टे से जुड़े मामलों में कुल 122 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी संलिप्त पाए गए हैं. मुख्यमंत्री ने सभी प्रशासनिक सचिवों को ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
छोटे सेब उत्पादकों को मिलेगा लंबित भुगतान
वहीं, छोटे सेब उत्पादकों को राहत देते हुए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत लंबित भुगतान जारी करने के लिए 20 करोड़ रुपए मंजूर करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और छोटे उत्पादकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने बैठक में विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने प्रशासनिक सचिवों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि आम जनता को राहत और सुविधाएं समयबद्ध तरीके से मिल सकें।
