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Saturday, August 15, 2026

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Sirmour: HRTC बस बनी ‘लेबर रूम’: गूंजी नन्ही बच्ची की किलकारी- गर्भवती के लिए फरिश्ता बनी सवारियां

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ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

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हिमाचल की सर्द शाम और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ती HRTC की एक बस शुक्रवार को उस समय ‘लेबर रूम’ में बदल गई जब एक गर्भवती महिला को बीच सफर में प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही कुदरत का करिश्मा हुआ और चलती बस में एक नन्हीं परी की किलकारी गूंज उठी।

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सफर के बीच शुरू हुई ‘जिंदगी की जंग’

शुक्रवार शाम करीब 7 बजे कुंहट–हरिपुरधार–रेणुकाजी–नाहन रूट की बस ददाहू से नाहन के लिए निकली थी। मलगांव के पास से सरोज नाम की महिला अपने पति और सास के साथ बस में सवार हुई। वो प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज नाहन जा रही थी। किसे पता था कि मंजिल आने से पहले ही सफर में एक नया मेहमान जुड़ जाएगा।

जैसे ही बस जमटा से आगे दोसड़का के पास पहुंची, सरोज को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। दर्द से कराहती महिला की आवाज सुनकर बस में सन्नाटा पसर गया लेकिन अगले ही पल मानवता की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई।

जब बस बन गई ‘लेबर रूम’

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस में सवार पुरुष यात्रियों ने तुरंत अपनी सीटें छोड़ दीं और बस के अगले हिस्से में चले गए। पीछे की बड़ी सीट पर सिर्फ महिलाएं रह गईं जिन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला। किसी ने चादर का इंतजाम किया तो किसी ने महिला का ढांढस बंधाया। बस में सफर कर रही अंजान महिलाएं उस वक्त सरोज के लिए फरिश्ता बन गईं।

शाम करीब सवा आठ बजे बस के अंदर ही एक स्वस्थ बच्ची का जन्म हुआ। पूरी बस तालियों और खुशी के आंसू से भर गई। बस चालक ने भी सूझबूझ दिखाते हुए बस की रफ्तार बढ़ाई। वहीं 108 एंबुलेंस को भी तुरंत सूचना दी गई।

108 एंबुलेंस और डॉक्टरों की मुस्तैदी

बनोग के पास बस को रोका गया जहां पहले से तैयार खड़ी एंबुलेंस में जच्चा और बच्चा को शिफ्ट किया गया। मेडिकल कॉलेज नाहन के गायनी विभाग के HOD ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। महिला समय से पहले भर्ती होने के लिए अस्पताल जा रही थी लेकिन रास्ते में ही डिलीवरी हो गई।

इस घटना के बाद लोग HRTC स्टाफ और बस में मौजूद उन महिलाओं की जमकर तारीफ कर रहे हैं जिन्होंने बिना घबराए इस नाजुक स्थिति को संभाला। ये घटना याद दिलाती है कि आज भी मुश्किल वक्त में अनजान लोग एक परिवार की तरह खड़े हो जाते हैं।

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