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हिमाचल प्रदेश की बेटियां लगातार अपनी मेहनत और लगन से नए मुकाम हासिल कर रही हैं। पहाड़ के छोटे गांवों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना अब सपना नहीं, हकीकत बनता जा रहा है। ऐसी ही एक कहानी मंडी जिले की रेणुका राव की है, जिन्होंने सीमित साधनों के बावजूद देश के बड़े मेडिकल संस्थान में जगह बनाकर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है।

साधारण परिवार से निकली असाधारण सफलता
मंडी जिले के द्रग विकासखंड की ग्राम पंचायत पाली के गुराहल गांव की रहने वाली रेणुका राव ने AIIMS में नर्सिंग ऑफिसर का पद हासिल किया है। उनके पिता चमन लाल मजदूरी कर परिवार चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन परिवार ने हमेशा पढ़ाई के लिए रेणुका को आगे बढ़ाया।
रेणुका ने अपनी शुरुआती पढ़ाई राजकीय प्राथमिक पाठशाला पाली से की। इसके बाद उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्रग से प्लस टू तक पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान वह मेहनती और अनुशासित छात्रा के रूप में जानी जाती थीं।
मेडिकल फील्ड में आगे बढ़ाया कदम
आगे चलकर उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर बनने का लक्ष्य तय किया और उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रहीं।
रेणुका ने नर्सिंग भर्ती परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की और AIIMS बिलासपुर में नर्सिंग ऑफिसर पद प्राप्त किया। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बन गई।
ग्रामीण बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
शिक्षकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि रेणुका बचपन से ही पढ़ाई में अच्छी और सकारात्मक सोच वाली छात्रा रही है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही है।
रेणुका की इस उपलब्धि पर जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संगठनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी है। लोगों का कहना है कि उनकी सफलता यह साबित करती है कि मेहनत और हौसले से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
