7 C
New York
Sunday, April 12, 2026

Buy now

कार की ट्रक से हुई टक्कर, 16 साल की लड़की को बीच सड़क तड़पता छोड़ भागे नशेड़ी दोस्त

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में बीते वीरवार तड़के घटित एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सलासी क्षेत्र में नशे में धुत युवकों की लापरवाही और कानून को खुली चुनौती देने वाली हरकतों का खामियाजा एक मासूम नाबालिगा को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ा।

16 साल की लड़की की मौत

करीब 16 वर्षीय यह नाबालिगा, जो पहले ही माता-पिता का साया खो चुकी थी, अब नशे, अराजकता और गैर-जिम्मेदाराना ड्राइविंग की भेंट चढ़ गई। लड़की की मौत के बाद उसके नाना-नानी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जानकारी के अनुसार नाबालिगा हमीरपुर जिले के ही एक क्षेत्र की रहने वाली थी। उसके माता-पिता का काफी समय पहले निधन हो चुका था, जिसके बाद उसका पालन-पोषण नाना-नानी कर रहे थे। दोनों बुजुर्ग हैं और एक बेहद साधारण व गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। नाबालिगा की असमय मौत ने इस परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।

नशेड़ी युवकों ने किया हंगामा

घटना वीरवार सुबह करीब 5 बजे की है, जब सलासी में आधा दर्जन के करीब युवक नशे की हालत में निजी कारों में घूम रहे थे। नशे के नशे में इन युवकों ने एक निजी बस को बीच रास्ते रोक लिया और बस चालक व परिचालक के साथ मारपीट शुरू कर दी।

इसी दौरान नाबालिगा भी इन युवकों की कार में मौजूद थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह युवकों को समझाने और झगड़ा शांत करवाने की कोशिश करती रही, लेकिन नशे में धुत युवकों पर किसी बात का असर नहीं हुआ।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

इस पूरी घटना का वीडियो भी मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया और पुलिस पर भी त्वरित कार्रवाई का दबाव बना।

बस चालक-परिचालक से मारपीट के बाद आरोपी युवक मौके से फरार होने लगे। नशे में होने के कारण वे यह तक भूल गए कि उनकी कार में एक नाबालिगा भी बैठी है। तेज रफ्तार और लापरवाही में उनकी कार सामने से आ रहे एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार नाबालिगा गंभीर रूप से घायल हो गई।

बीच सड़क तड़पता छोड़ भागे

हद तो तब हो गई जब हादसे के बाद भी इन युवकों ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि नशेड़ी युवक घायल नाबालिगा को सड़क पर तड़पता छोड़कर मौके से फरार हो गए। बाद में कुछ निजी वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने मानवीयता दिखाते हुए उसे उठाकर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर पहुंचाया।

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में प्राथमिक उपचार के बाद नाबालिगा की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बिलासपुर स्थित एम्स रेफर कर दिया। वहां करीब एक सप्ताह तक वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही। आखिरकार बुधवार देर शाम उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर मिलते ही नाना-नानी और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पुलिस ने पांच युवकों को किया अरेस्ट

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एएसपी हमीरपुर राजेश उपाध्याय ने नाबालिगा की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवा लिया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी पांच आरोपी पुलिस रिमांड पर थे, जिन्हें वीरवार दोपहर सदर थाना पुलिस ने अदालत में पेश किया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।

यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करती है। नशे में गाड़ी चलाना, खुलेआम गुंडागर्दी, कानून का डर न होना और सबसे बढ़कर एक नाबालिग के भविष्य के प्रति संवेदनहीनता-इन सबका परिणाम एक मासूम जान के चले जाने के रूप में सामने आया है।

गरीब परिवार की बेटी होती जिंदा…

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नशे पर सख्ती और ऐसे युवकों पर कड़ी निगरानी होती, तो शायद आज एक गरीब परिवार की बेटी जिंदा होती। अब यह देखना होगा कि कानून इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है और क्या यह घटना समाज को नशे के खिलाफ सचेत करने का काम कर पाएगी या नहीं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles